हानिकारक चीनी को छोड़े, मिठास के लिए आजमाएं ये 5 सेहतमंद चीजें | Healthiest Alternative of Sugar

हानिकारक चीनी को छोड़े, मिठास के लिए आजमाएं ये 5 सेहतमंद चीजें | Healthiest Alternative of Sugar

(1) देशी खांड और मिश्री का इस्तेमाल करके भी आप मीठे का स्वाद पा सकते हैं| इसका इस्तेमाल पहले के समय किया जाता था| इसे बनाने के लिए सर्वप्रथम गन्ने के रस को गरम करके लगभग तीन दिन तक इसे हिलाया जाता हैं उसके बाद इसे घूमने वाली मशीन में दूध और पानी कि मदद से इसे साफ किया जाता हैं| ये हमारे शरीर को ठंडक प्रदान करता हैं|

(2) कोकोनट शुगर बनाने के लिए नारियल के फूलो और डंडियों में से मीठा पानी इकठठा किया जाता हैं| इसके बाद इसे गरम किया जाता हैं और फिर जमा दिया जाता हैं| इसमें आयरन जिंक इत्यादि पाये जाते हैं| यह चीनी के मुक़ाबले में हल्का होता हैं|

(3) डेट शुगर को आप घर पर भी बना सकते हैं या बाजार से भी इसे खरीद सकते हैं| सूखे हुये खजूर के बीज निकालकर इन्हें को थोड़ा सा भून ले फिर इसे मिक्सर में पीस लें| इस पावडर को एक डब्बे में स्टोर कर ले| इसे आप चाय या कॉफी में इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं| बल्कि इसका इस्तेमाल आप खीर या फिर मिठाई बनाने में कर सकते हैं|

(4) गुड़ का इस्तेमाल आप चीनी की जगह कर सकते हैं| इसका इस्तेमाल ठंड और बरसात में किया जा सकता हैं| जिन लोगों के शरीर में कफ ज्यादा होता हैं उन्हें गुड़ का इस्तेमाल करना चाहिए|

(5) कच्चा शहद मिठास का एक अच्छा स्रोत हैं| जब भी शहद लेना हो तो अन रिफाइंड शहद ही ले| शहद का इस्तेमाल आप वजन घटाने के लिए कर सकते हैं|

Diabetes जड़ से खत्म करने के लिए 10 चीज़े ज़रूर खाएं | 10 Most Effective Foods for Diabetes control

Diabetes जड़ से खत्म करने के लिए यह 10 चीज़े ज़रूर खाएं | 10 Most Effective Foods for Diabetes Control diabetes diet diabetes treatment in hindi diabetes ke gharelu nuskhe diabetes foods to eat

Dosto hamare khaan paan mein sudhar la kar diabetes jaisi gambhir bimari mein kaafi had tak sudhar laya ja sakta hai
agar apni regular diet mein diabetes ke khilaf asar dikhane wali chizo ka jyada sewan kiya jaye to is bimari par kam samay mein puri tarah niyantran paya ja skta hai
dawaiyo ke sath agar acchi life style sahi khaan paan or regular thoda bahut workout shamil kiya jaye
toh diabetes ko jad se khatm kiya ja sakta hai
aaj ke is video mein aap jaanege diabetes ko control karne ke liye
10 effective foods ke baare mein

होली 2019 – कब है 2019 होली दहन पूजा का समय महूर्त

Holi 2019 Dates Calendar: 2018 की दीवाली बीत चुकी है और इसके बाद हिन्दुओं का प्रमुख त्योहार होली ही आता है. लोग अब दीवाली के बाद होली की तैयारियां शुरू कर दिए हैं. खासकर वे लोग जो घर से दूर रहते हैं उन्हें अभी ही टिकट करानी होगी. ऐसे लोगों के लिए हम बता दें कि इस बार 2019 में होली 21 मार्च दिन गुरूवार को पड़ रहा है. वहीं इस बार होलिका दहन 20 मार्च दिन बुधवार को पड़ रहा है. अगर आप लोगों को होली की रेल टिकट करानी हो और अगर आप उत्तर प्रदेश या बिहार से ताल्लुक रखते हैं तो अपनी टिकट जरूर बुक करा लें, क्योंकि यह सबसे व्यस्ततम रूट में से एक है. इस रूट पर होली, दीवाली और छठ में बहुत ही मुश्किल से टिकट मिलता है.

होली होलिका दहन 2019, तारीख और मुहुर्त (Holika Dahan 2019 Date Puja Time and Muhurat)

वहीं होलिका दहन 20 मार्च 2019 दिन बुधवार को पड़ रहा है. होलिका दहन की में टाइमिंग यानी मुहुर्त का भी बहुत अर्थ होता है. लोग उचित समय पर होलिका दहन करें तो ज्योतिष और वास्तुशास्त्र के अनुसार उसका फायदा बहुत अधिक होता है. इस बार होलिका दहन काफी देर से होगा. सामान्यतया यह शाम 4 बजे के बाद होता है लेकिन इस बार भद्र मुख के कारण होलिका दहन का कार्यक्रम थोड़ी देर से शुरू होगा. मुंबई वासियों और पश्चिम भारत को होलिका दहन के लिए काफी कम समय मिलेगा, जो कि 10 मिनट है. यह 8.57 से शुरू होकर 9.09 तक चलेगा. वहीं दिल्ली और उत्तर भारत में यह 8.57 से शुरू होगा और देर रात 12.28 तक चलेगा.

होली 2019 तारीख और समय (Holi 2019 Dates and Time)

इस बार होली 21 मार्च, 2019 को पड़ रहा है, जो कि दिन गुरूवार को आ रहा है. इस बार होली खेलने का मुहुर्त सुबह 8 बजे से लेकर शाम 3 बजे तक है. इस दौरान पूरे देश भर में होली खेली जाएगी. इस दौरान मथुरा, वृंदावन और बरसाने की होली काफी प्रसिद्ध होती है. देश विदेश सो लोग यहां की लठ्ठमार होली देखने और खेलने आते हैं.

होली होलिका दहन महत्व (Holika Dahan Signification and History)

होली में होलिका दहन का अपना ही महत्व है. कहा जाता है कि होलिका नाम की एक राजकुमारी को अग्नि के ताप से अप्रभावित होने का वरदान प्राप्त था. लेकिन भगवान विष्णु के एक उपासक प्रहलाद ने अपनी बुआ होलिका के इस घमण्ड को तोड़ दिया था. माना जाता है कि होलिका जब अपने भतीजे के साथ अग्नि में प्रवेश की तो वह जल गईं, जबकि प्रहलाद बच गए. उसके बाद से यह होलिका दहन मनाया जाता है. लोग शाम के वक्त अपने घर के बाहर लकड़ी इकट्ठा करते हैं और उसे जलाते हैं और खुद की बुराईयों को भी जलाने की प्रार्थना करते हैं.  = Source

अमीर बनने के लिए शुक्रवार को माता लक्ष्मी को चढ़ाए यह इत्र

आप सभी को बता दें कि सनातन संस्कृति की पूजन प्रणाली में पंचोपचार पूजन को विशेष महत्व देते हैं और देवी-देवताओं पर सीधे फूल अर्पित किए जाते हैं केवल शिवलिंग पर ऊल्टा फूल अर्पित करना सही माना जाता है. ऐसे में फूल के बिना हर देव की उपासना अधूरी होती है और आप सभी को यह भी बता दें कि फूलों के रस से ही इत्र बनाते हैं जो भगवान को चढ़ाया जाता है.

ऐसे में धर्मशास्त्रों के अनुसार देवी लक्ष्मी को इत्र सर्वाधिक प्रिय माना जाता है और देवी लक्ष्मी का दूसरा नाम कमलवासिनी और सुगंधा भी माना जाता है. ऐसे में कर्म से भाग्य बनता और बिगड़ता दोनों ही है लेकिन कुछ ऐसी चीजें भी होती हैं जिन पर भाग्य का सीधा प्रभाव पड़ जाता है. ऐसे में अगर आप भी अपने भाग्य को चमकाना चाहते हैं और धन के मालिक बनना चाहते हैं तो माँ लक्ष्मी की पूजा में इत्र का प्रयोग जरूर करें और देवी लक्ष्मी पर इत्र अर्पित करने से जातक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं ऐसा माना जाता है. यह काम आप शुक्रवार को कर सकते हैं क्योंकि वह दिन माँ लक्ष्मी का माना जाता है. आइए जानते हैं और उपाय.

1- अमीर बनने के लिए मोगरे का इत्र चढ़ाएं और अगर आप संभोग सुख प्राप्त करने के लिए देवी लक्ष्मी को गुलाब का इत्र चढ़ाएं.

2- कहते हैं देवी लक्ष्मी को चंदन अर्पित करने से सौभाग्य में बढ़ोत्तरी होती है और देवी लक्ष्मी को केवड़े का इत्र अर्पित करें, जातक को मानसिक शांति की प्राप्ति हो जाती है.

3- कहा जाता है शुक्रवार के दिन शुक्ल पक्ष में लक्ष्मी मंदिर में इत्र और सोलह श्रृंगार का सामान चढ़ाएं इससे दांपत्य जीवन में प्रेम बढ़ता है और श्री सुक्त से महालक्ष्मी को इत्र चढ़ाने से धन व ऐश्वर्य की प्राप्ति होने लगती है.

4- कहते हैं इत्र लगाकर घर से निकलने पर कार्य व व्यवसाय में बढ़ोतरी होने लगती है. – Source

हनुमान जयंती 2018: भूलकर भी ना करें ऐसी गलतियां, जानिए क्या है पूजा का शुभ मुहूर्त

हनुमान जयंती पर ना करें ये गलतियां
हनुमान जयंती के दिन हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करना शुभ होता है। लेकिन इस दौरान कुछ गलतियां करने से बचना चाहिए।
  • हनुमान जी की पूजा करते समय न तो काले कपड़े पहने और न ही सफेद। बजरंग बली की पूजा में लाल और पीले रंग के कपड़ो का इस्तेमाल शुभ होता है।
  • हनुमान जी के पूजा करते समय तन और मन दोनों ही शुद्ध होने चाहिए। पूजा के दौरान भूलकर भी मांस और मदिरा का सेवन नही करना चाहिए।
  • हनुमान जी की पूजा में चरणामृत का प्रयोग नहीं करना चाहिए और ना ही खंडित और टूटी हुई मूर्ति की पूजा करना चाहिए।

आज मंगलवारी एकादशी के शुभयोग पर राहु-केतु की बदली चाल,इन 5 राशियों का अब बदलेगा बुरा समय, होगा धनलाभ

 चैत्र शक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। कहा जाता है इस एकादशी को व्रत रखने से प्रेत योनि से मुक्ति मिल जाती है। हिंदू पंचांग में ग्यारहवी तिथि को एकादशी कहा जाता है। एक महीने में दो बार एकादशी आती है। एक शुक्ल पक्ष और दूसरी कृष्ण पक्ष में आती है।कामदा एकादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है।

माना जाता है इस दिन विधि पूर्वक पूजा करने से सभी पाप खत्म हो जाते हैं। कामदा एकादशी को फलदा एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। चैत्र मास की एकादशी को अन्य मास की एकादशी से ज्यादा फलदायी माना जाता है। क्योंकि चैत्र मास में ही भारतीय नव संवत्सर की शुरुआत होती है। शास्त्रों के अनुसार चैत्र मास की अमावस्या भारतीय संवत की अंतिम तिथि होती है तथा नवरात्रों के पश्चात नववर्ष की यह पहली मंगलवारी एकादशी 27 मार्च को है।

मान्यता है कि सांसारिक कामनाओं की पूर्ति के लिए कामदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। पद्म पुराण के अनुसार इस व्रत से प्रेत योनि से भी मुक्ति मिल सकती है। पुराण में बताया गया है कि जितना पुण्य कन्यादान, हजारों वर्षों की तपस्या और स्वर्ण दान से मिलता है उससे  अधिक पुण्य इस कामदा एकादशी से मिलता है |इस अवसर पर कुछ राशियों के लिए अच्छा दिन बन रहा है और आने वाले समय में ये रशिया अपने जीवन में खूब तरक्की करेगी तो आइये दोस्तों जानते है कोनसी है वो राशियां|

मेष राशि

मेष राशि के जातकों को मार्च महीने के अंत में 31 मार्च को महासंयोग से बहुत फायदा होने वाला है. आपको अपने हर महत्वपूर्ण कार्य में सफलता मिलने वाली है. अटके हुए और बड़े मामले में सफलता मिल सकती है.आपको अचानक से धन की प्राप्ती हो सकती है. संतान का सुख मिलने वाला है। पैसों की वृद्धी होगी। दूसरों की उपेक्षा ना करें और देखा देखी बिल्‍कुल ना करें।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को मार्च महीने के अंत में 31 मार्च को महासंयोग से बहुत फायदा होने वाला है| और साथ ही शुभ समाचार प्राप्‍त होंगे। पुराने मित्र व सम्‍बन्‍धियों से मुलाकात होने की वजह से आप प्रसन्‍न रहेंगे। धर्म कर्म में आपकी रुचि रहेगी।अपने जीवन में एक सक्सेस व्यक्ति बनने के लिए आपको पहले परियोजनाएं बनानी होगी, इससे आप जीवन में बहुत आगे जाएंगे. आपको आने वाले दिनों में बड़ा फायदा मिलेगा|

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को मार्च महीने के अंत में 31 मार्च को महासंयोग से बहुत फायदा होने वाला है. आपको किसी नई नौकरी के लिए ऑफर मिल सकता है, इस पर विचार करके ही उस नौकरी को ज्वाइन करें. पैसों की स्थितियों में पहले से भी अच्छा सुधार आएगा. व्यापार-कारोबार में लाभ, यत्न करने पर कोई उलझा-रुका कारोबारी काम सिरे चढ़ सकता है

कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को मार्च महीने के अंत में 31 मार्च को महासंयोग से बहुत फायदा होने वाला है. थोड़ी कोशिश करने से आपको बड़ा फायदा मिलेगा. कार्य की सिद्धी होगी और कार्य की प्रशंसा भी होगी। धन प्राप्‍ती सुगम होगी। आपकी योजना फलीभूत होगी सूर्य और चंद्रमा की छाया पर बनी रहेगी, इससे आपके जीवन में कोई भी परेशानियां नहीं आएगी. आपको बहुत ज्यादा पैसों का लाभ होगा. आपके सारे रुके हुए काम पूर्ण होंगे.

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3 दिनों में 5 किलो तक वजन कम कर सकती है यह जादुई चाय- Quick & Easy

कई सालों से लोग कुछ ऐसी जड़ी बुटीओं (Herbs) की तलाश में है जिनसे आसानी से और जल्दी वजन कम (Weight Loss) किया जा सके और शयद इसी वजेह से हम आपके लिए आज एक ऐसी जड़ी बूटी लेकर आये है जिससे न सिर्फ आपका वजन कम हो जाएगा साथ ही साथ शरीर को टोक्सिन रहत कर देगी यह जडीबुटी

आज जिस जडीबुटी (Herb) की बात हम कर रहें है वह आसानी से प्राप्त हो जाएगी , आपकी सेहत के लिए भी बेहद लाभदायक है

एक औरत जिसका वजन 72 किलो था वह उसने इस जड़ी बूटी से बनी चाये का सेवन किया और सिर्फ 3 दिनों में उसका वजन कम हो कर 67 किलो रह गया

आज हम आपको बतायेंगे कैसे आप भी कम कर सकते हो 5 किलो तक वजन सिर्फ 3 दिनों मे

सामग्री/ विधि-

सामग्री-

5 चम्मच कटा हुआ धनिया

1 लीटर शुद्ध पानी

विधि-

पानी उबलने के लिए रख दे और इनमे धनिया की पत्ती डाल दे और 15-20 मिनट के लिए इसे छोड़ दे

बाद में इसे छानलें ताकि पत्तियां अलग हो जाय आप चाहे तो स्वाद के लिये इसमे शहद मिला सकते है । इसे रोजाना करे अच्छे नतीजे मिलेंगे !!

ये प्रयोग आपको एक हफ्ते तक ही करना है. अगर नतीजे ना मिले तो ये प्रयोग आप अगले महीने फिर से इसका इस्तेमाल कर के देख सकते हैं.

भारत के इस गाँव में फ्री में मिलती है कैंसर की दवा, गारंटी के साथ होता है इलाज..

भारत के इस गाँव में फ्री में मिलती है कैंसर की दवा, गारंटी के साथ होता है इलाज.. चौंक जायेंगे जानकर भारत की इस जगह के बारे में जहाँ कैंसर बीमारी से निजात के लिए देश भर से ही नहीं बल्कि दुनिया भर के लोग यहां अपना इलाज कराने आते हैं। इस जगह के लिए कहा जाता है की यहाँ मरीजों को उनकी दवा से फायदा पहुंचता है इसलिए उनके यहां प्रत्येक रविवार एवं मंगलवार को दिखाने वालों का ताता लगा रहता है।

खबर अनुसार मध्य प्रदेश स्थित बैतूल जिले की ख्याति वैसे तो सतपुड़ा के जंगलों की वजह से है, मगर यहां के जंगलों में कैंसर जैसी लाइलाज बीमारी को खत्म कर देने वाली बहुमूल्य जड़ी-बूटियां मिलने से भी यह देश-विदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है। इस कारण इस दवा लेने के लिए यहां बड़ी संख्या में मरीज पहुंचते हैं।

भारत के इस गाँव में फ्री में मिलती है कैंसर की दवा, गारंटी के साथ होता है इलाज..

मन जाता है कि घोड़ाडोंगरी ब्लॉक के ग्राम कान्हावाड़ी में रहने वाले भगत बाबूलाल पिछले कई सालों से जड़ी-बूटी एवं औषधियों के द्वारा कैंसर जैसी बीमारी से लोगों को छुटकारा दिलाने में लगे हुए हैं। साथ ही बता दें कि इस नेक कार्य के बदले में लोगों से वे एक रुपए तक नहीं लेते हैं।

मगर इस जगह में इलाज के लिए बाहर से आने वाले लोगों को एक दिन पहले नंबर लगाना पड़ता है। यदि किसी को यहाँ आना है तो एक दिन में करीब 1000 से ऊपर मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। मुख्यतः यहाँ महाराष्ट्र से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए यहां एक दिन पहले ही रात में आ जाते हैं।

भारत के इस गाँव में फ्री में मिलती है कैंसर की दवा, गारंटी के साथ होता है इलाज..

कहा जाता है कि जड़ी-बूटी के इलाज के साथ परहेज भी भगत बाबूलाल जो जड़ी-बूटी देते हैं उसका असर परहेज करने पर ही होता है। मगर जड़ी-बूटियों से इस इलाज के दौरान मांस-मदिरा सहित अन्य प्रकार की सब्जियां प्रतिबंधित कर दी जाती है और जिनका कड़ाई से पालन करना होता है। वरना इन जड़ी-बूटी दवाईयों का असर नहीं होता है।

दावा तो ये भी किया गया है कि जिन लोगों ने नियमों का परिपालन कर दवाओं का सेवन किया हैं उन्हें काफी हद तक इससे छुटकारा मिला है। कहा जाता है कि भगत बाबूलाल सुबह से शाम तक खड़े रहकर ही मरीजों को देखते हैं और इस इलाज के मामले में वे इतने सिद्धहस्त हो चुके हैं कि अब तो मात्र नाड़ी पकड़कर ही मर्ज और उसका इलाज बता देते हैं।

साभार : newslover.in