एलडीएल कोलेस्ट्रॉल – विस्तार में जाने लक्षण और घरेलू उपचार

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आज के समय में कोलेस्ट्रॉल एक आम बीमारी बन रही है, इस रोग का सीधा संबंध हमारे ह्रदय से है जिसके कारण हमारे ह्रदय को कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। एलडीएल को बेहद खतरनाक कोलेस्ट्रॉल माना जाता है। असल में इसका सामना हमें तब करना पड़ता है जब हम बाहर की वस्तुओं का अधिक सेवन करते हैं, साथ में वसा को अधिक मात्रा में प्रयोग में लाते हैं। इससे हमारे शरीर में कोलेस्ट्रॉल बढ़ता है जिसके कारण हमारे शरीर को नुकसान पहुंचता है। एलडीएल कोलेस्ट्रोल को बैड भी कहा जाता है।

लडीएल कोलेस्ट्रॉल के लक्षण

  1. जोड़ों में दर्द होना
  2. छाती में दर्द होना
  3. सांस लेने में तकलीफ होना
  4. थकावट होना
  5. मानसिक तनाव रहना
  6. खून में चर्बी बढ़ना।

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के कारण

हमारे शरीर में एलडीएल कोलेस्ट्रोल के बढ़ने से कई तरह की बीमारियों का सामना करना पड़ता है। इसके कई कारण हो सकते हैं वो इस प्रकार से हैं

  1. वसा युक्त भोजन का सेवन
  2. डेयरी प्रोडक्ट का अधिक सेवन जैसे दूध, दही, मक्खन, पनीर आदि ।
  3. फास्टफूड का सेवन
  4. शराब, धुम्रपान आदि

एलडीएल कोलेस्ट्रॉल के घरेलू उपचार

अगर हमारे शरीर में बैड अर्थात एलडीएल कोलेस्ट्रोल को बढ़ने लगे तो हमारे दिल को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन जब हम अपने खाने संबंधी आदतों में सुधार लाते हैं तो बैड कोलेस्ट्रोल से आसानी से निजात पा सकते हैं। आइये जानते हैं उन खाद्य पदार्थो को जिसका सेवन करके शरीर के बैड कोलेस्ट्रोल पर आसानी से नियंत्रण पाया जा सकता है…

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  • दालें और ओट्स
    दालों में सबसे अच्छा फाइबर पाया जाता है, जो हमारे शरीर से खराब कोलेस्ट्रोल को कम करने में हमारी मदद करता है। दालों में प्रोटीन, विटामिन, फास्फोरस और खनिज तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारे ह्रदय को सेहतमंद बनाये रखने में हमारी मदद करते हैं। इसके अलावा ओट्स को हम दलिए के रूप में देखते हैं, जिसे हम केवल स्वादिष्ट पदार्थ के रूप में देखते है, लेकिन इसमें बहुत से फायदे पाएं जाते हैं। इसमें फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण कोलेस्ट्रोल नियंत्रण में रहता है और साथ ही हमारे ह्रदय की मांसपेशिया मजबूत होती है।
  • चाय
    आपने देखा होगा कि कुछ लोग चाय को बिल्कुल भी पसंद नहीं करते। लेकिन क्या आप जानते हो कि चाय का नियमित रूप से सेवन करने से कोलेस्ट्रोल नियंत्रण में रहता है। ग्रीन टी हो या ब्लैक टी दोनों ही कोलेस्ट्रोल के लिए बहुत ही फायदेमंद होते हैं। ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो शरीर से कोलेस्ट्रोल को कम करने में सहायक होता है।
  • नाशपाती और मेवे का सेवन
    नाशपाती में विटामिनों, खनिज, एंजाइम, और पानी में घुलनशील फाइबर की समृद मात्रा पाई जाती है और यह हमारे शरीर के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होते हैं। इसके साथ ही नाशपाती में एंटीऑक्सीडेंट भी पाया जाता है, जो हमारे शरीर से एलडीएल को कम करने में मदद करता है। इसके साथ ही मेवे में भी कई तरह के एंटीऑक्सीडेंट पायें जाते हैं। प्रतिदिन तीन से चार बादाम पानी में भिगोकर खाने से शरीर के साथ-साथ दिमाग भी दुरुस्त रहता है।
  • पानी का सेवन
    हमें पानी का सेवन नियमित रूप से करना चाहिए क्योंकि पानी पीने से हम कई तरह की बीमारियों से बच सकते हैं, साथ ही इससे हमारा कोलेस्ट्रोल भी ठीक रहता है और हमारे शरीर में नई कोशिकाओं का निर्माण होता है।

इसके साथ आप को व्यायाम और योग करते रहना चाहिए और जब भी ह्रदय संबंधी किसी प्रकार का कोई भी लक्षण दिखाई दे, तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।

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